Tuesday, January 17, 2012

कोई फिर दीवाना बनाने आया है

मुस्कराहट की शराब  लाया है
कोई फिर दीवाना बनाने आया है

रूहानी रौशनी से नहाया सा हुआ
नज़रों को झुकाए हुए शरमाया सा हुआ
सुर्ख होंठो पर सज़ा के प्रेम का भ्रम
चाँद की सीढ़ियों  से रखकर कदम
रात भर के बैचैन ख्वाब लाया है


मुस्कराहट की शराब  लाया है
कोई फिर दीवाना बनाने आया है

कोई बेपनाह ऐतबार  में है
बड़ी कशिश किसी के प्यार में है
आज ख़ाली से पड़े है  मैखाने
बड़ी खुमारी इस इंतज़ार में है
आज वो नकाब उठा आया है

मुस्कराहट की शराब  लाया है
कोई फिर दीवाना बनाने आया है

आपका एक कमेन्ट मुझे बेहतर लिखने की प्रेरणा देगा और भूल सुधार का अवसर भी

13 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

मुस्कराहट सबको आनन्दित कर देती है।

vidya said...

इश्क अक्सर दीवाना बनाने ही आता है..
सुन्दर..

Prakash Jain said...

Bahut khub...muskurahat ki sharab...:-)

Sunil Kumar said...

किसी की मुस्कराहट से नशा आ जाये , क्या बात है आपकी सोंच को नमन , बधाई

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

क्या बात है।

वाह!

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर"(Dr.Rajendra Tela,Nirantar)" said...

मुस्काराहटों से बच के रहना
जाल में ऐसे ही फंसते हैं

Reena Maurya said...

प्रेम तो लोगो को दीवाना बना ही देता है .
और मुस्कान ही तो प्रेम का प्रथम चरण है .
बेहतरीन प्रेमपगी रचना...

Atul Shrivastava said...

गहरे भाव...

सुंदर रचना।

इमरान अंसारी said...

सुभानालाह........प्रेम में छलकती ये पोस्ट बहुत अच्छी लगी.......शाबाश |

alka sarwat said...

वाह,
बेहतर.

Anonymous said...

We should be painstaking and fussy in all the intelligence we give. We should be extraordinarily careful in giving guidance that we would not about of following ourselves. Most of all, we ought to refrain from giving advisor which we dont tag along when it damages those who woo assume us at our word.

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

.




बहुत ख़ूबसूरत लिखा है आपने…

सुर्ख़ होंठों पर सजा कर प्रेम का भ्रम
चांद की सीढ़ियों से रख कर कदम
रात भर के बेचैन ख़्वाब लाया है…
मुस्कुराहट की शराब लाया है …

कोई फिर दीवाना बनाने आया है !


बहुत सुंदर !
मुझे प्रेम कविताएं बहुत आकर्षित करती हैं
…और कनुजी आपने लिखा भी बहुत अच्छा है ! आभार और बधाई इस प्रेम कविता के लिए …

शुभकामनाओं सहित…

संजय भास्कर said...

क्या बात है।
बहुत ही सुंदर .... एक एक पंक्तियों ने मन को छू लिया ...