Friday, August 19, 2011

हाँ मैं अन्ना नहीं हू

हाँ मैं अन्ना नहीं हू
मैं अन्ना नहीं हू पर अन्ना के आन्दोलन के साथ हू
मैं व्यक्तिवादी नहीं हू ना ही होने का विचार है
क्यूंकि इसी व्यक्तिवादिता ने देश को कई बार गर्त तक पहुँचाया है
अब फिर से उसी गर्त में जाने का साहस नहीं है मुझमे

मैं आम भारतीय हू जो गहरी नींद के बाद जागा है
जिसके लिए सिर्फ लोकपाल बिल पास होना ही महत्वपूर्ण नहीं है
बल्कि ये महत्वपूर्ण है की ये लोकपाल कही भ्रष्ट  ना हो जाए
इसके भी उपाय साथ में ही किए जाने चाहिए

मेरे लिए सिर्फ ये महत्वपूर्ण नहीं की मैं जाग गया हू,विद्रोह कर रहा हू
मेरे लिए ये भी महत्वपूर्ण है की,मेरा ये विद्रोह गलत दिशा में ना जाए
लोकपाल बिल पास होना मेरी मंजिल नहीं है
बल्कि ये तो सिर्फ एक पड़ाव है अगले विद्रोहों का

सिर्फ भ्रष्टाचार  ख़तम करना मेरा मकसद नहीं
भुकमरी,गरीबी ,बेरोजगारी सबको ख़तम करना चाहता हू
मैं आम भारतीय हू,नेता नहीं बनना चाहता
अब मैं अपने हक के लिए लड़ना चाहता हू

मैं समझ गया हू की नेताओं को मनमानी करने की छुट देकर मैंने गलती की
अब मैं किसी को अपने ऊपर चाबुक चलने की छूट नहीं दे सकता
ना कोई तानाशाह चाहता हू,मैं बस संघर्ष करना चाहता
हाँ मैं अन्ना नहीं हू पर अपने हक के लिए लड़ना चाहता हू


10 comments:

Bhushan said...

उभरते नन्हें अन्नाओं की भावनाओं को बखूबी व्यक्त किया है आपने. सुंदर कविता.

kanupriya said...

ध्न्यवाद सर मैंने तो कविता की तरह लिखना ही नहीं चाहा था बस कुछ पंक्तियाँ लिखी . और लिखती चली गई.

Kailash C Sharma said...

बहुत सारगर्भित प्रस्तुति..

प्रवीण पाण्डेय said...

सबका अपना व्यक्तित्व हो।

Sunil Kumar said...

बहुत कुछ कह रही हैं यह रचना , आभार

kanu..... said...

धन्यवाद् आप सभी का.हाँ प्रवीण जी यही विचार मेरे मन में भी आ रहा है की लोग जोश में हैं पर इस जोश में वो बस भीड़ ना बन जाए अपने दिल और दिमाग को साथ लेकर चले और वो किसी के हाथ की कठपुतली नहीं बनेंगे.उनका अपना व्यक्तित्व अपनी सोच होगी.....और तभी ये आन्दोलन सही रूप में सफलहोगा

रेखा said...

हमें किसी व्यक्ति विशेष का समर्थन नहीं करना है बल्कि उसके विचारों का समर्थन कर कुछ हासिल करना है .....किसी को भी व्यक्तिवादी नहीं होना चाहिए .....सार्थक प्रस्तुति

सतीश सक्सेना said...

यह जन्माष्टमी देश के लिए और आपको शुभ हो !

Sunil Padiyar said...

Nice one kanu.. I am not anna but I am with his movement.. Nice one..

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