कुछ दिनों से कुछ नहीं लिखा .जानती हू जितना खालीपन में महसूस कर रही हू उतना मुझे रोज पढने वाले भी कर रहे होंगे .कुछ लोगो ने मेसेज भी दिया की लिखना बंद क्यों हैं...तो आप लोगो को बता दू में इंदौर मे हू .अपने मम्मी पापा के पास आई हू राखी के लिए.यहाँ आते है रविवार के दिन एक बहुत ही खूबसूरत मंदिर के दर्शन किए आज आप लोगो को भी वहा की सेर करवाना चाहती हू....जो खूबसूरत मंदिर मैंने देखा उतनी खूबसूरती से उसे कैमरे में कैद नहीं कर पाई पर फिर भी कोशिश की है की आप लोगो को भी इंदौर में नए बने हुए सूर्य- मंदिर के दर्शन करवा सकू....
ये मंदिर इंदौर के प्रसिद्द अन्नपूर्ण मंदिर से तकरीबन ४ किलो मीटर और वैशाली नगर से तकरीबन २ किलोमीटर दूर केट कालोनी के पास स्थित है .
मंदिर की विशेषता ये है की यहाँ नवग्रहों के मंदिर के साथ ही नवग्रहों को शांत करने वाले देवताओं के मदिर है साथ ही मंदिर का मुख्या आकर्षण है सात घोड़ों पर स्वर सूर्य देव की विशाल प्रतिमा जो अपने आप में अनूठी है और इस तरह की कुछ ही प्रतिमाएं देश में है.
जेसे ही आप मंदिर में प्रवेश करेंगे आपको एक बोर्ड मिलेगा जिसपर आपकी राशि के गृह स्वामी और और उस गृह के देवता का नाम मिलेगा साथ ही उस गृहस्वामी को केसे प्रसन्ना किया जाए इसके उपाय मिलेंगे जेसे अगर आपकी राशि मेष है तो मंगल गृह के मदीर में ११ लाल मिर्ची चढ़ाए शीघ्र लाभ मिलेगा....या आपकी राशि मकर है तो शनि देव को खड़ा नारियल चढ़ाए शीघ्र लाभ मिलेगा.
इस बोर्ड किए पास ही एक महिला छोटी छोटी थेलियों में विभिन्न प्रकार की दालें,नारियल ,अगरबत्ती ,प्रसाद ,लाल मिर्च ,तिल बेचती मिलेगी जहा से खरीदकर आप अपने गृह देवता को प्रसन्न करने का सामान चढ़ा सकते है.वेसे ये सामान आप अपने साथ बाहर से भी लेकर जा सकते है....
सूर्य मंदिर के ठीक बाहर एक और बोर्ड लगा है जो आप स्वयं देखे .सूर्य मंदिर के ठीक बाहर एक और बोर्ड लगा है जो आप स्वयं देखे .वेसे अगर आप चित्र में पढ़ पाने में सक्षम ना हो तो इस बोर्ड पर लिखा है :सूर्य मंदिर यहाँ हर रविवार तुलसी की पत्तियों द्वारा सभी बिमारियों का इलाज निशुल्क किया जाता है
इस मंदिर के दाहिनी तरफ आपको महागुरुओं की मूर्तियाँ मिलेगी जिनमे गुरु नानक ,गुरु बबल साईं,बाबा रविदास,गजानन महाराज,नित्यानंद जी शामिल हैं....
यहाँ की शिवजी की पिंडी अर्धनारीश्वर रूप में है जो कम ही देखने मिलती है....
इसके बाद आपको एक के बाद एक करके देवी सरस्वती,भगवन गणेश,(केतु के स्वामी),राहू,शनिदेव,हनुमान जी,मंगल देव,शनिदेव,लक्ष्मी माता सबकी मूर्तियाँ और मंदिर दिखाई देंगे.स्वयं दर्शन करने के मोह में आप लोगो के लिए ज्यादा सामग्री नहीं इकट्ठी कर पाई बस कुछ छायाचित्र है जो आप लोगो से शेयर कर रही हू.
केतु के देवता श्री गणेश
कुबेर देवता बुध के स्वामी
शनिदेव की भी यहाँ ठीक शनि शिगनापुर जेसी मूर्ति विराजमान है ,काफी अँधेरे की वजह से वहा का चित्र ठीक नहीं आ पाया.पर भेरव जी महाराज का चित्र निकाल पाई हू ....जहा लोग शनि देव को चढ़ाया जाने वाला चढ़ाव चढाते है....
मंगल देव
शुक्र गृह और देवी लक्ष्मी का मंदिर

इस मदिर में एक और अदभुत मूर्ती दिखाई देती है जो है बगुलामुखी हनुमान जी की.वेसे बगुलामुखी हनुमान जी की कुछ और मूर्तियाँ भी विभिन्न स्थानों पर देखने मिल सकती है पर ये मूर्ति विशेष आकर्षण लिए हुए है.आप लोग इसे ठीक ढंग से देख पाए इसलिए थोड़ी बड़ी तस्वीर डाल रही हू
बगुलामुखी हनुमान जी
इससे अधिक चित्रों का संकलन कर पाना संभव नहीं हो पाया पर इस मंदिर में एक सूर्य कुंड भी है जिसमे स्नान करना उत्तम फलदायी मना गया है.
सभी देवी देवताओं के एक ही स्थान पर दर्शन करने के इच्छुक लोगो के लिए ये मंदिर बहुत ही अच्छा स्थान है.साथ ही साथ सूर्य देव की एसी सुन्दर प्रतिमा कोणार्क के बाद शायद इंदौर के सिवा कुछ ही स्थानों पर हो.
अभी के लिए फिलहाल इतना ही जल्दी ही आप लोगो से फिर मिलना होगा .इंदौर के किसी और स्थान या कुछ खट्टी मीठी बातों के साथ.....














