ye hai mumbai meri jaan. bheed bhari anjani si kabhi jaanipahchani si ase hi bethe bethe kuch lines likhi hai....
सतरंगी सपने जेसे बलैक एंड व्हाइट से हो गए
मुंबई की गलियों में आकर सारे सपने खो गए
एक बड़ा सा बंगला हो जिसमे सुन्दर सा बगीचा हो
शाम की हलकी ठंडक में चाय की चुस्कियां हो
जब पतिदेव घर पर आए तो ,
गार्डेन में बातों का सिलसिला हो
पर बंगले के सारे सपने वन बी एच के से हो गए
मुंबई की गलियों में आकर सारे सपने खो गए
एक लम्बी सी गाडी हो ,जिस पर हरदम नजर हमारी होरोज शाम की सेर हो , मुस्कानों का ढेर हो
बरसातों में आइसक्रीम हो,बार बार लॉन्ग ड्राइव हो
पर बिन मौसम के बादल सारे सपने धो गए
मर्सिडीज़ जेसे सपने नैनो वाले हो गए
मुंबई की गलियों में आकर सारे सपने खो गए
आराम की जिंदगी हो ,भगवन की भी बंदगी होघर से ऑफिस पास हो ,बेबसी का ना अहसास हो
अपने लिए भी टाइम हो ,और अपने भी पास हो
पर भूल भुलैया में खोकर हम भीड़ का हिस्सा हो गए
बेस्ट की बस के धक्कों में हम पीड़ित जेसे हो गए
मुंबई की गलियों में आकर सारे सपने खो गए

