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Tuesday, July 3, 2018

कितना मुश्किल होगा सोचो फिर से बच्चा हो जाना


हम बच्चा हो जाने की हसरत तो करते रहते हैं
कितना मुश्किल होगा सोचो फिर से बच्चा हो जाना

ये ऐसे करना होगा वो वैसे पढ़ना होगा
ऐसे तुमको हँसना होगा,ऐसे तुमको डरना होगा
ऐसे नई चीज़ें सीखो अपने ढंग से नहीं करो
कितनी चिढ़ाता होगा हर बात पर टोका जाना
कितना मुश्किल होगा सोचो फिर से बच्चा हो जाना

ये करके दिखलाओ,चलो अभी गाना गाओ
खाओ खाना जल्दी से,सबको देखो मुस्काओ
नाच नया दिखलाओ न,नई पोयम सुनाओ ना
सबका मन बहलाना जैसे बंदर बन जाना
कितना मुश्किल होगा सोचो फिर से बच्चा हो जाना

माँ की गोदी में खेलने का मन, पर कैसे कह पाए
डर लगता है अंधेरे से ,कैसे बोलो बतलाएं
मन की बात कह भी दे तो समझने को कोई तैयार नहीं
उम्मीदें इनसे ज्यादा है, ये जैसे हैं स्वीकार नहीं
कौन सुनेगा इनकी बातें कौन सुनेगा अफ़साना
कितना मुश्किल होगा सोचो फिर से बच्चा हो जाना